Ahmad Rizwan's Photo'

अहमद रिज़वान

1978 | मुल्तान, पाकिस्तान

ग़ज़ल 7

शेर 7

एक मुद्दत से उसे देख रहा हूँ 'अहमद'

और लगता है अभी एक झलक देखा है

अजनबी लोग हैं मैं जिन में घिरा रहता हूँ

आश्ना कोई यहाँ मेरे फ़साने का नहीं

क्या बात करूँ जो बातें तुम से करनी थीं

अब उन बातों का वक़्त नहीं क्या बात करूँ

ई-पुस्तक 2

तुलू-ए-शाम

भाग-002

2013

तुलू-ए-शाम

भाग-001

2013

 

"मुल्तान" के और शायर

  • सलीम शाहिद सलीम शाहिद
  • ज़करिय़ा शाज़ ज़करिय़ा शाज़
  • सरफ़राज़ ज़ाहिद सरफ़राज़ ज़ाहिद
  • तौक़ीर तक़ी तौक़ीर तक़ी
  • फरीहा नक़वी फरीहा नक़वी
  • यासमीन हबीब यासमीन हबीब
  • बक़ा बलूच बक़ा बलूच
  • नाहीद क़ासमी नाहीद क़ासमी
  • नवेद मालिक नवेद मालिक
  • एजाज़ फ़ारूक़ी एजाज़ फ़ारूक़ी