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फ़ाएज़ देहलवी

1690 - 1737 | दिल्ली, भारत

मीर से पहले के मशहूर शायर, उर्दू शायरी के संस्थापक

मीर से पहले के मशहूर शायर, उर्दू शायरी के संस्थापक

ग़ज़ल

ख़ूबाँ के बीच जानाँ मुम्ताज़ है सरापा

फ़सीह अकमल

जब सजीले ख़िराम करते हैं

फ़सीह अकमल

तुझ बिना दिल को बे-क़रारी है

फ़सीह अकमल

बे-सबब हम से जुदाई न करो

फ़सीह अकमल

सजन मुझ पर बहुत ना-मेहरबाँ है

फ़सीह अकमल

Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI

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