Tahira Jabeen Tara's Photo'

ताहिरा जबीन तारा

1979 | लाहौर, पाकिस्तान

ग़ज़ल 3

 

नज़्म 1

 

शेर 3

मिल के लगा है आज ज़माने ठहर गए

तुझ से बिछड़ के वक़्त गुज़ारा नहीं गया

ये आँख नम थी ज़बाँ पर मगर सवाल था

हम अपनी ज़ात में गुम थे कोई ख़याल था

सजा लिया है हथेली पे हम ने उस का नाम

इस लिए तो बिछड़ जाने का मलाल था

 

"लाहौर" के और शायर

  • ज़फ़र इक़बाल ज़फ़र इक़बाल
  • नासिर काज़मी नासिर काज़मी
  • शहज़ाद अहमद शहज़ाद अहमद
  • अब्बास ताबिश अब्बास ताबिश
  • क़तील शिफ़ाई क़तील शिफ़ाई
  • हबीब जालिब हबीब जालिब
  • हफ़ीज़ जालंधरी हफ़ीज़ जालंधरी
  • अहमद नदीम क़ासमी अहमद नदीम क़ासमी
  • अमजद इस्लाम अमजद अमजद इस्लाम अमजद
  • मुनीर नियाज़ी मुनीर नियाज़ी