ग़ज़ल 4

 

शेर 5

कैसे उस को दिल की हालत समझाऊँ

बात करूँ तो आँख चुराने लगता है

मुझ को दुनिया से बे-ख़बर कर दे

देख ले मुझ को मो'तबर कर दे

देख उसे सब ज़िक्र हमारा करते हैं

उस की आँख में सिर्फ़ हमारा चेहरा है

"दिल्ली" के और शायर

  • शैख़  ज़हूरूद्दीन हातिम शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम
  • शाह नसीर शाह नसीर
  • हसरत मोहानी हसरत मोहानी
  • बेख़ुद देहलवी बेख़ुद देहलवी
  • आबरू शाह मुबारक आबरू शाह मुबारक
  • शेख़ इब्राहीम ज़ौक़ शेख़ इब्राहीम ज़ौक़
  • मोमिन ख़ाँ मोमिन मोमिन ख़ाँ मोमिन
  • मज़हर इमाम मज़हर इमाम
  • नसीम देहलवी नसीम देहलवी
  • बहादुर शाह ज़फ़र बहादुर शाह ज़फ़र