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अब्दुल हई आरफ़ी

सुधारवादी और मज़हबी रंग की शायरी के लिए मशहूर, मौलाना अशरफ़ अली थानवी के मुरीद

सुधारवादी और मज़हबी रंग की शायरी के लिए मशहूर, मौलाना अशरफ़ अली थानवी के मुरीद

शेर 1

ज़रा जोश-ए-ग़म रहने दे क़ाबू में ज़बाँ मेरी

वो सुनना चाहते हैं ख़ुद मुझी से दास्ताँ मेरी

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ई-पुस्तक 1

Ifadat-e-Aarifiya

Part-001

1966

 

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