निदा फ़ाज़ली शायरी

महत्वपूर्ण आधुनिक शायर और फ़िल्म गीतकार। अपनी ग़ज़ल ' कभी किसी को मुकम्मल जहाँ नहीं मिलता ' के लिए प्रसिध्द।

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वालिद की वफ़ात पर

तुम्हारी क़ब्र पर

निदा फ़ाज़ली

खेलता बच्चा

घास पर खेलता है इक बच्चा

निदा फ़ाज़ली

बूढ़ा

हर माँ अपनी कोख से

निदा फ़ाज़ली