वेश्याओं के जीवन पर मंटो के उद्धरण

मंटो निहायत यथार्थवादी अंदाज़ में लिखने वाला क़लमकार था, उसका जहाँ जिस हक़ीक़त से सामना पड़ा उसको बग़ैर किसी नाम-निहाद अख़लाक़ी-ओ-तहज़ीबी दबाओ के लिख दिया। वेश्याओं की ज़िंदगी और उनके साथ सभ्य समाज के रवैय्ये का विस्तृत विवरण भी मंटो के इसी अंदाज़-ए-नज़र का नतीजा है। यहाँ पेश किए जा रहे उद्धरण मंटो के लेखों से चुने गए हैं जिनमें मंटो वेश्याओं और तवाइफ़ों के जीवन के हैरत-अंगेज़ पहलुओं से रुशनाश कराते हैं और बताते हैं वेश्याएं किस तरह से समाज का हिस्सा हैं और ग़लत रास्ते पर वे हैं या समाज खुद?

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