साक़ी फ़ारुक़ी की 10 मशहूर नज़्में

प्रमुख और नई दिशा देने वाले आधुनिक शायर/लन्दन के निवासी थे।

107
Favorite

श्रेणीबद्ध करें

सुर्ख़ गुलाब और बदर-ए-मुनीर

ऐ दिल पहले भी तन्हा थे, ऐ दिल हम तन्हा आज भी हैं

साक़ी फ़ारुक़ी

हमल-सरा

दादी-अम्माँ...

साक़ी फ़ारुक़ी

डस्टबिन

सुब्ह के जग-मग सूरज को

साक़ी फ़ारुक़ी

मस्ताना हीजड़ा

मौला तिरी गली में

साक़ी फ़ारुक़ी

एक सुअर से

वो तिलिस्मी दोपहर थी

साक़ी फ़ारुक़ी

शाह-ए-दौला चूहा

मैं था माँदा उदास

साक़ी फ़ारुक़ी

मुर्दा-ख़ाना

मिरी रगों में ख़ुनुक सूइयाँ पिरोता हुआ

साक़ी फ़ारुक़ी