दिल से अपने ख़ुद-ब-ख़ुद कुछ पूछिए मेरे लिए

इन्दिरा वर्मा

दिल से अपने ख़ुद-ब-ख़ुद कुछ पूछिए मेरे लिए

इन्दिरा वर्मा

MORE BYइन्दिरा वर्मा

    दिल से अपने ख़ुद-ब-ख़ुद कुछ पूछिए मेरे लिए

    फ़ैसला अब कीजिए या सोचिए मेरे लिए

    On your own, ask your heart something for me

    Take a decision now or think of something, for me

    फ़िक्र-ए-दुनिया से जाने आप क्यूँ हैं अश्क-बार

    इन मुसलसल आँसुओं को रोकिए मेरे लिए

    why do the worries of the world fill you with tears

    Staunch these ceaseless tears, for me

    मैं तो कब से मुंतज़िर हूँ आप के एहसान की

    दर्द का आहों से सौदा कीजिए मेरे लिए

    I have been waiting forever for your favour

    Strike a deal between pain and sighs, for me

    आप का लहजा शहद जैसा तरन्नुम-ख़ेज़ है

    ख़ामुशी अब तोड़िए और बोलिए मेरे लिए

    Your accent is sweet as honey and melodious too

    Break your silence now and say aomething, for me

    आप को सब लोग कहते हैं मसीहा सनम

    ज़िंदगी मुझ को भी दे कर देखिए मेरे लिए

    O my beloved, everyone calls you a messiah

    Grant me life too and see, for me

    RECITATIONS

    सुदीप बनर्जी

    सुदीप बनर्जी

    सुदीप बनर्जी

    दिल से अपने ख़ुद-ब-ख़ुद कुछ पूछिए मेरे लिए सुदीप बनर्जी

    Additional information available

    Click on the INTERESTING button to view additional information associated with this sher.

    OKAY

    About this sher

    Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi volutpat porttitor tortor, varius dignissim.

    Close

    rare Unpublished content

    This ghazal contains ashaar not published in the public domain. These are marked by a red line on the left.

    OKAY