deewan-e-dabeer

मिर्ज़ा सलामत अली दबीर

अननोन आर्गेनाइजेशन
1930 | अन्य

पुस्तक: परिचय

परिचय

اس دیوان میں شہادت حسینؓ پر مراثی مختلف بحر میں کہے گئے ہیں۔ ان مراثی میں حضرت حسینؓ کی شہادت اور میدان کربلا کے مناظر دلسوز انداز میں بیان کیے گئے ہیں۔ مراثی کا آغاز کرنے سے پہلے مصنف کی سوانح اور خصائص کلام کے علاوہ مرثیہ گوئی پر سیر طلب روشنی ڈالی گئی ہے۔ اس جلد میں مرثیہ سبع مثانی بہت مشہور ہے اور اس کی شمولیت میں خاصہ اہتمام نظر آتا ہے۔ الگ الگ بحروں کے اشعار کو اس میں جمع کیا گیا ہے۔ اس کے بعد تصحیح نامہ ہے جس میں غلط لکھے گئے الفاظ ، مصرع یا اشعار کی طرف اشارہ ہے اور اس کے بعد میدان کربلا کی داستان بطرزمرثیہ شروع ہوتی ہے۔ حضرت حسین کی آمد سے قبل ہی کوفہ میں جو بہار آتی ہے ،اس کا منظر پیش کیا جاتا ہے اور اس کے بعد انتہائی دردناک داستان کربلا کا ذکر ہوتا ہے۔

.....और पढ़िए

लेखक: परिचय

मिर्ज़ा सलामत अली दबीर

मिर्ज़ा सलामत अली दबीर

मिर्ज़ा सलामत अली दबीर उर्दू के एक कवि थे। उन्होंने मरसिया लिखने की कला को एक नया मुकाम दिया। उन्हें मीर अनीस के साथ मरसिया निगारी का प्रमुख प्रवक्ता माना जाता है।
मिर्जा सलामत अली का जन्म 1803 में मिर्जा गुलाम हुसैन के घर दिल्ली में हुआ था। उनमें बचपन से ही मरसिया पढ़ने की लगन थी। इसलिए वे प्रसिध मरसिया-गो मीर मुज़फ्फर हुसैन के शिष्य बन गए। जब मीर अनीस फैज़ाबाद से लखनऊ आए तो उनकी आपस में दोस्ती हो गयी।


.....और पढ़िए

लेखक की अन्य पुस्तकें

पूरा देखिए

लोकप्रिय और ट्रेंडिंग

पूरा देखिए

पुस्तकों की तलाश निम्नलिखित के अनुसार

पुस्तकें विषयानुसार

शायरी की पुस्तकें

पत्रिकाएँ

पुस्तक सूची

लेखकों की सूची

विश्वविद्यालय उर्दू पाठ्यक्रम