aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
यह किताब उर्दू अदब और तंक़ीद में मा'बाद जदीदियत के इतलाक़ी पहलुओं पर मज़ामीन का एक मजमूआ है। इसमें मा'बाद जदीद फिक्री धारों, जैसे पस-साख़्तियात, मा'बाद नौ आबादियात और तानीसियत की रोशनी में उर्दू शायरी, अफ़साने और तंक़ीद का मुताला पेश किया गया है। यह नई तंक़ीदी बसारतों और अदबी मतून के तजज़िए के नए तरीक़ों को फ़रोग़ देती है।