हस्ती अपनी हबाब की सी है

मीर तक़ी मीर

हस्ती अपनी हबाब की सी है

मीर तक़ी मीर

MORE BY मीर तक़ी मीर

    हस्ती अपनी हबाब की सी है

    ये नुमाइश सराब की सी है

    my life is like a bubble now

    mirage-like appears this show

    नाज़ुकी उस के लब की क्या कहिए

    पंखुड़ी इक गुलाब की सी है

    the softness of her lips is close

    to velvet petals of a rose

    चश्म-ए-दिल खोल इस भी आलम पर

    याँ की औक़ात ख़्वाब की सी है

    do let your heart's eye see this world

    tis but a dreamlike state unfurled

    बार बार उस के दर पे जाता हूँ

    हालत अब इज़्तिराब की सी है

    repeatedly to her address

    I go, lo, such is my distress

    नुक़्ता-ए-ख़ाल से तिरा अबरू

    बैत इक इंतिख़ाब की सी है

    your brow inscribed upon your skin

    a line of poetry akin

    मैं जो बोला कहा कि ये आवाज़

    उसी ख़ाना-ख़राब की सी है

    when I spoke out, she did complain

    "that derelict is here again"

    आतिश-ए-ग़म में दिल भुना शायद

    देर से बू कबाब की सी है

    this heart long burnt in sorrow's hell

    there is a barbecue like smell

    देखिए अब्र की तरह अब के

    मेरी चश्म-ए-पुर-आब की सी है

    just as a monsoon cloud appears

    these eyes of mine are full of tears

    'मीर' उन नीम-बाज़ आँखों में

    सारी मस्ती शराब की सी है

    miir in her half-ope eyes there is

    the fullness of wine's heady bliss

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    फ़रीदा ख़ानम

    फ़रीदा ख़ानम


    शम्सुर रहमान फ़ारूक़ी

    शम्सुर रहमान फ़ारूक़ी

    अहमद महफ़ूज़

    अहमद महफ़ूज़

    शम्सुर रहमान फ़ारूक़ी

    हस्ती अपनी हबाब की सी है शम्सुर रहमान फ़ारूक़ी

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