मशहूर तो बस एक दिया है मिरे दिल में

इदरीस बाबर

मशहूर तो बस एक दिया है मिरे दिल में

इदरीस बाबर

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    मशहूर तो बस एक दिया है मिरे दिल में

    कितने ही सितारों की जगह है मिरे दिल में

    तुम ने तो हिकायात ही सुन रक्खी हैं वर्ना

    वो शहर वो खे़मे वो सिरा है मिरे दिल में

    मैं राह से भटकूँ तो खटकती है कोई बात

    जिस तरह कोई सम्त-नुमा है मिरे दिल में

    दुनिया से गुज़रने को अभी उम्र पड़ी है

    ये ख़्वाब तो कुछ दिन को रुका है मिरे दिल में

    ये घर दर-ओ-दीवार की हद तक है सलामत

    लेकिन वो जो घर टूट गया है मिरे दिल में

    ये लोग ज़रा देर को टल जाएँ तो 'बाबर'

    मैं देख लूँ क्या वक़्त हुआ है मिरे दिल में

    स्रोत :
    • पुस्तक : اردو غزل کا مغربی دریچہ(یورپ اور امریکہ کی اردو غزل کا پہلا معتبر ترین انتخاب) (पृष्ठ 575)
    • प्रकाशन : کتاب سرائے بیت الحکمت لاہور کا اشاعتی ادارہ

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