ग़ज़लें

1930 -2016

प्रमुख लोकप्रिय शायर जिन्हें ‘उत्साही’ का उपनाम जवाहर लाल नेहरू ने दिया था/उर्दू शायरी को हिंदी के क़रीब लाने के लिए विख्यात

1980

हिन्दुस्तान की नई पीढ़ी के शायर

1791/2

मीर और सौदा के विवादास्पद समकालीन, दोनों शायरों की आलोचना के शिकार हुए

1922 -1984

भोपाल के शायरों में शामिल, प्रगतिशील आंदोलन से प्रभावित रहे

1863 -1955

दाग़ देहलवी के शिष्य

1857 -1912

नामचीन क्लासिकी शायर, दाग़ देहलवी के शागिर्द, मजिस्ट्रेट के पद पर विराजमान रहे

1883 -1940

लोकप्रिय शायर, लेखक और टीकाकार. ग़ालिब के कलाम की व्याख्या के लिए मशहूर. ‘गंजीना-ए-तहक़ीक़’ नामक शायरी पर आलोचनात्मक लेखों का संग्रह प प्रकाशित हुआ

1934 -2002

प्रगतिवादी विचारधारा के आवामी शायर, ब्रिटेन के प्रगतिशील लेखक संघ के अध्यक्ष रहे

1866 -1928

शाद अज़ीमाबादी के प्रिय शागिर्दों में शामिल

1876 -1936

सूफ़ी शायर धार्मिक शायरी के लिए विख्यात

तमिलनाडु के चर्चित शायरों में शामिल

1924 -2004

सामाजिक असंतुलन, ग़रीबी और असमानता जैसी समस्याओं को शायरी का विषय बनानेवाले शायर

1938 -1990

महाराष्ट्र के शायर, लेखक और अनुवादक. मराठी नज़्मों के उर्दू में पद्यानुवाद भी किए

1888 -1954

हास्य-व्यंग्य के नामचीन शायर, अत्यंत लोकप्रिय, सादा और सरल भाषा में खूबसूरत हास्य ग़ज़लें कहीं

1727 -1798

प्रमुख क्लासिकी शायर, मीर तक़ी ‘मीर’ के समकालीन

1840 -1900

दाग़ के समकालीन, उर्दू और फ़ारसी में शायरी की, आधुनिक शायरी के आंदोलन से प्रभावित होकर नये अंदाज़ की नज़्में भी लिखीं

1884 -1936

दिल्ली की काव्य परम्परा के अंतिम दौर के शायरों में शामिल, अपने ड्रामे ‘कृष्ण अवतार’ के लिए प्रसिद्ध

1954

दिल्ली में रहने वाले शायर, आकाशवाणी की फ़ारसी सेवा से सम्बद्ध रहे

1928 -2013

अग्रणी आधुनिक शायार और कहानिकार, भारत में आधुनिक उर्दू नज़्म के विकास में महत्वपूर्ण यागदान, पद्मश्री से सम्मानित।