पटना के शायर और अदीब

कुल: 111

मीर तक़ी मीर के समकालीन, अज़ीमाबाद के प्रतिष्ठित एवं प्रतिनिधि शायर

मीर के समकालीन, अज़ीमाबाद स्कूल के प्रतिष्ठित शायर, दिल्ली स्कूल के रंग में शायरी के लिए मशहूर

क्लासिकी लहजे के प्रमुख और लोकप्रिय शायर

अग्रणी पूर्व-आधुनिक शायरों में विख्यात।

प्रमुख पूर्वाधुनिक शायर जिन्होंने नई ग़ज़ल के लिए राह बनाई/मिर्ज़ा ग़ालिब के विरोध के लिए प्रसिद्ध

कलकत्ता के प्रसिद्ध शायर. ग़ज़ल, नज़्म और रुबाई जैसी विधाओं में रचनाएं की. बच्चों के लिए लिखी नज़्मों के कई संग्रह प्रकाशित हुए. कई साहित्यिक पत्रिकाओं के संपादक रहे

क्लासिकी परंपरा के प्रमुख हास्य-व्यंग शायर, अपनी विशिष्ट भाषा और अभिव्यक्ति के लिए प्रसिद्ध

उर्दू आलोचना मे कृतिमान स्थापित करने वाली किताब “काशिफ़-अल-हक़ाएक़” के लिए प्रसिद्ध

प्रमुख पूर्वाधुनिक शायर, अपने अपारम्परिक विचारों के लिए विख्यात

अनुवादक,शायर,कुल्लियात-ए-नज़ीर के संपादक और शोधकर्ता

प्रगतिशील कहानीकार, शायर और नाटककार।

नई पीढ़ी के अहम शायरों में शामिल

भारत की महत्वपूर्ण शायरात में शामिल

हज़रत मख़दूम-ए-जहाँ शैख़ शरफ़ुद्दीन अहमद यहया मनेरी आ’लमी शोहरत-याफ़्ता सूफ़ी और मुसन्निफ़ हैं।

अज़ीमाबाद के एक प्रमुख शायर। रम्ज़ को मज़दूर शायर भी कहा जाता है।

सत्तर के दशक में उभरने वाले प्रसिद्ध कहानीकारों में शामिल. समाज की कड़वी सच्चाइयों की कहानियाँ लिखने के लिए मशहूर.

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