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पटना के शायर और अदीब

कुल: 57

18 वीं सदी के प्रमुख शायरों में शामिल / मीर तक़ी मीर के समकालीन

मशहूर अफ़्साना निगार और नॉवेल निगार, हिन्दुस्तान में साम्प्रदायिक दंगों के परिप्रेक्ष्य में कहनियाँ और उपन्यास लेखन के लिए जाने जाते हैं।

मीर के समकालीन, अज़ीमाबाद स्कूल के प्रतिष्ठित शायर, दिल्ली स्कूल के रंग में शायरी के लिए मशहूर

अनुसंधान और संपादन में जवाबदेही के प्रतीक, जिनकी तार्किक और प्रमाण-आधारित शैली ने उर्दू शोध को वैज्ञानिक वस्तुनिष्ठता प्रदान की

अग्रणी पूर्व-आधुनिक शायरों में विख्यात।

पूर्वी विचारधारा के प्रतिनिधि आलोचक और इक़बाल विशेषज्ञ

प्रसिद्ध आलोचक, शोधकर्ता, कथाकार और शायर,अपनी रोमांटिक नज़्मों के लिए भी जाने गए।

प्रमुख पूर्वाधुनिक शायर, अपने अपारम्परिक विचारों के लिए विख्यात

बिहार के मारूफ़ सूफ़ी सिलसिले से वाबस्ता सूफ़ी शायर

शोधकर्ता, आलोचक, ‘तारीख़-ए-अदब-ए-उर्दू’ और ‘तारीख़-ए-अदबियात-ए-आलम’ के लेखक

उर्दू के प्रसिद्ध निबंधकार और संवेदनशील लेखक

प्रमुखतम उत्तर- क्लासिक शायरों में शामिल

शायर और लेखक, आज़ादी के बाद उर्दू नॉवेल की स्थिति पर एक किताब लिखी, पटना विश्वविद्यालय के उर्दू विभाग से सम्बद्ध रहे

हास्य व्यंग्य के महत्वपूर्ण शायर

हज़रत शाह अकबर दानापुरी के साहबज़ादे और ख़ानकाह सज्जादिया अबुलउलाईया, दानापुर के सज्जादा-नशीं

महिला अफ़साना-निगारों में प्रतिष्ठित नाम

दबिस्तान-ए-अज़ीमाबाद से तअल्लुक़ रखने वाली पहली शाइरा जिनका दीवान प्रकाशित हुआ, शाद अज़ीमाबादी से इस्लाह-ए-सुख़न लेने वालों में शामिल

सत्तर के दशक में उभरने वाले प्रसिद्ध कहानीकारों में शामिल. समाज की कड़वी सच्चाइयों की कहानियाँ लिखने के लिए मशहूर.

शाद अज़ीमाबादी के प्रिय शागिर्दों में शामिल

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