गुड़गाँव के शायर और अदीब
कुल: 14
शकीलुर्रहमान
1931 - 2016
उर्दू में सौंदर्यपरक आलोचना के प्रमुख आलोचक
सदा अम्बालवी
1951
राजेंद्र सिंह/लोकप्रिय शायर/अपनी गज़ल 'वो तो ख़ुश्बू है हर इक सम्त बिखरना है उसे' के लिए मशहूर, जिसे गाया गया है
दिनाक्षी सहर
1977
इम्तियाज़ ख़ान
1989
समकालीन नौजवान शायरों में नुमायाँ, ख़ूबसूरत लफ़्ज़ों में नाज़ुक और अछूते एहसासात की शायरी के लिए मशहूर
शादान अहसन मारहरवी
1989
सोनिया रूह
1979
- जन्म : महाराष्ट्र
- निवास : गुड़गाँव
गायत्री मेहता
1993
हरीश कुमार
1968
जगदीश प्रकाश
1935
क़लील झांसवी
1951