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दिल्ली के शायर और अदीब

कुल: 853

सब्क-ए-हिंदी (भारतीय शैली) के सबसे प्रमुख प्रतिनिधि कवि और सूफी विचारक

उर्दू शायरी के निर्माताओं में से एक। मीर तक़ी मीर के समकालीन

उर्दू / हिंदवी के पहले शायर। मशहूर सूफ़ी हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया के शागिर्द और संगीतज्ञ। तबला और सितार जैसे साज़ों का अविष्कार किया। अपनी ' पहेलियों ' के लिए प्रसिद्ध जो भारतीय लोक साहित्य का हिस्सा हैं। ' ज़े हाल-ए-मिस्कीं मकुन तग़ाफ़ुल ' जैसी ग़ज़ल लिखी जो उर्दू / हिंदवी शायरी का पहला नमूना है।

उर्दू के सबसे लोकप्रिय शायरों में शामिल। शायरी में चुस्ती , शोख़ी और मुहावरों के इस्तेमाल के लिए प्रसिद्ध

उर्दू के पहले उपन्यासकार के रूप में विख्यात

लखनऊ के सबसे गर्म मिज़ाज शायर। मीर तक़ी मीर के समकालीन। मुसहफ़ी के साथ प्रतिद्वंदिता के लिए मशहूर। 'रेख़्ती' विधा की शायरी भी की और गद्द में रानी केतकी की कहानी लिखी

सूफ़ी शायर, मीर तक़ी मीर के समकालीन। भारतीय संगीत के गहरे ज्ञान के लिए प्रसिध्द

उर्दू के पहले बड़े शायर जिन्हें 'ख़ुदा-ए-सुख़न' (शायरी का ख़ुदा) कहा जाता है

विश्व-साहित्य में उर्दू की सबसे बुलंद आवाज़। सबसे अधिक सुने-सुनाए जाने वाले महान शायर

18वी सदी के बड़े शायरों में शामिल। मीर तक़ी 'मीर' के समकालीन

ग़ालिब और ज़ौक़ के समकालीन। वह हकीम, ज्योतिषी और शतरंज के खिलाड़ी भी थे। कहा जाता है मिर्ज़ा ग़ालीब ने उनके शेर "तुम मेरे पास होते हो गोया, जब कोई दूसरा नही होता" पर अपना पूरा दीवान देने की बात कही थी

18वीं सदी के अग्रणी शायरों में विख्यात

आख़िरी मुग़ल बादशाह बहादुर शाह ज़फ़र के उस्ताद और राजकवि , मिर्ज़ा ग़ालिब से उनकी प्रतिद्वंदिता प्रसिद्ध है।

प्रमुख क्लासिकी शायर, मीर दर्द के छोटे भाई।

शायरी के अलावा अपनी सुंदरता के लिए भी प्रसिद्ध। कम उम्र में देहांत हुआ

भारत के पूर्व राष्ट्रपति, प्रसिद्ध वैज्ञानिक और "मिसाइल मैन ऑफ़ इंडिया

मुग़ल बादशाह शाह आलम सानी के उस्ताद, मीर तक़ी मीर के बाद के शायरों के समकालीन

ग़ालिब की गज़लों के आलोचक

उर्दू आलोचना के संस्थापकों में शामिल/महत्वपूर्ण पूर्वाधुनिक शायर/मिजऱ्ा ग़ालिब की जीवनी ‘यादगार-ए-ग़ालिब लिखने के लिए प्रसिद्ध

आधुनिक उर्दू शायरी और आलोचना का महत्वपूर्ण नाम। भारतीय दर्शन और संगीत से गहरी दिलचस्पी। आल इंडिया रेडियो से संबंधित थे।

लोकप्रिय शायर और फि़ल्म गीतकार/प्रेम रोग और राम तेरी गंगा मैली के गीतों के लिए मशहूर

पंजाबी की लोकप्रिय कवयित्री-लेखिका। भारतीय ज्ञानपीठ से सम्मानित

18 वीं सदी के प्रमुख शायरों में शामिल / मीर तक़ी मीर के समकालीन

आख़िरी मुग़ल बादशाह। ग़ालिब और ज़ौक़ के समकालीन

अग्रणी आधुनिक शायर और कहानीकार, भारत में आधुनिक उर्दू नज़्म के विकास में महत्वपूर्ण यागदान, पद्मश्री से सम्मानित

दाग़ देहलवी के शिष्य

भारत के राष्ट्रपति, विद्वान, शिक्षाविद, स्वतंत्रता सेनानी, लेखक और अनुवादक

मीर से पहले के मशहूर शायर, उर्दू शायरी के संस्थापक

उत्तर-आधुनिक उर्दू शायरी की एक प्रख्यात शख़्सियत

स्वतंत्रता सेनानी और संविधान सभा के सदस्य। ' इंक़िलाब ज़िन्दाबाद ' का नारा दिया। कृष्ण भक्त , अपनी ग़ज़ल ' चुपके चुपके, रात दिन आँसू बहाना याद है ' के लिए प्रसिद्ध

मीर तक़ी ' मीर ' के समकालीन और उनके प्रतिद्वंदी के तौर पर प्रसिद्ध। उन्हे उनके पिता ने क़त्ल किया।

मानवीय अंतर्मन, सामाजिक यथार्थ और मनोवैज्ञानिक व प्रतीकात्मक कथा-शैली के विशिष्ट कहानीकार

प्रसिद्ध आधुनिक कहानीकार, गंभीर अस्तित्ववादी समस्याओं की कहानियाँ लिखने के लिए चर्चित, उर्दू में मार्खेज़ और मिलान कुंद्रा पर अपने लेखन के लिए भी जाने जाते हैं।

प्रख्यात शोधकर्ता, ग़ालिब-विशेषज्ञ, ‘ख़ुतूत-ए-ग़ालिब’ के संपादक और उर्दू में ‘मत्नी तनक़ीद’ के प्रवर्तक

शोधकर्ता, आलोचक, शास्त्रीय साहित्य के संपादन और पत्र-साहित्य के लिए प्रसिद्ध

शोधकर्ता, ग़ालिब विशेषज्ञ, अनुवादक और संपादक

मारूफ़ क्लासिकी शायर, सूफ़ियाना मिज़ाज रखने वाले धर्मशास्त्री (आलिम) जिन्हें धार्मिक कारणों के आधार पर क़त्ल किया गया

उत्तरकालीन क्लासिकी दौर के प्रमुख शायर और ग़ालिब के प्रिय शागिर्द।

प्रगतिशील आलोचक, नाटककार और प्रसिद्ध प्रगतिशील पत्रिका ‘अस्री अदब’ के संरक्षक

क्लासिकी दौर के नुमायाँ शायरों में शामिल

आधुनिक उर्दू ग़ज़ल की सबसे शक्तिशाली आवाज़ों में शामिल।

शोधकर्ता, उर्दू वर्तनी और व्याकरण तथा शास्त्रीय ग्रंथों के संपादन के लिए प्रसिद्ध

पंडित अमरनाथ साहिर दिल्ली में कश्मीरी पंडित समुदाय के प्रमुख कवियों में एक महत्वपूर्ण नाम। अपनी रचनाओं में सूफ़ीवाद और वेदांत रहस्यवाद के संयोजन के लिए चर्चित।

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