उत्तर प्रदेश के शायर और अदीब
कुल: 1758
फ़िराक़ गोरखपुरी
प्रमुख पूर्वाधुनिक शायरों में विख्यात, जिन्होंने आधुनिक उर्दू गज़ल के लिए राह बनाई/अपने गहरे आलोचनात्मक विचारों के लिए विख्यात/भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित
हरिवंशराय बच्चन
मुल्ला अब्दुल क़ादिर बदायुनी
मुंशी नवल किशोर, लखनऊ
- निवास : लखनऊ
मुसहफ़ी ग़ुलाम हमदानी
18वीं सदी के बड़े शायरों में शामिल, मीर तक़ी 'मीर' के समकालीन।
नज़ीर अकबराबादी
मीर तक़ी 'मीर' के समकालीन। अग्रणी शायर जिन्होंने भारतीय संस्कृति और त्योहारों पर नज्में लिखीं। होली, दीवाली, श्रीकृष्ण पर नज़्मों के लिए मशहूर
क़ाएम चाँदपुरी
18वी सदी के अग्रणी शायर, मीर तक़ी 'मीर' के समकालीन।
शम्सुर रहमान फ़ारूक़ी
शायर, कथाकार और श्रेष्ठ उर्दू समीक्षक
अब्दुल हलीम शरर
बीसवीं सदी के महत्वपूर्ण विद्वान,लेखक, अनुवादक,उपन्यासकार, नाटककार. लखनऊ की सामाजिक व सांस्कृतिक जीवन के मर्मज्ञ.
अब्दुर्रहमान बिजनोरी
अकबर इलाहाबादी
उर्दू में हास्य-व्यंग के सबसे बड़े शायर , इलाहाबाद में सेशन जज थे।
अली अब्बास हुसैनी
प्रसिद्ध अफ़्साना निगार, नाटककार और आलोचक। अपनी कहानी 'मेला घूमनी' के लिए मशहूर
अम्बर बहराईची
मुमताज़ शाइर, विख्यात संस्कृत विद्वान, साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित
असअ'द बदायुनी
प्रख्यात उत्तर-आधुनिक शायर, साहित्यिक पत्रिका दायरे के संपादक।
असग़र गोंडवी
प्रख्यात पूर्व-आधुनिक शायर, अपने सूफ़ियाना लहजे के लिए प्रसिद्ध।
असरार-उल-हक़ मजाज़
अग्रणी एवं प्रख्यात प्रगतिशील शायर, रोमांटिक और क्रांतिकारी नज़्मों के लिए प्रसिद्ध, ऑल इंडिया रेडियो की पत्रिका “आवाज” के पहले संपादक, मशहूर शायर और गीतकार जावेद अख़्तर के मामा
फ़ानी बदायुनी
अग्रणी पूर्व-आधुनिक शायरों में शामिल, शायरी के उदास रंग के लिए विख्यात।
फ़साहत लखनवी
लखनऊ की शास्त्रीय काव्य परंपरा के प्रमुख और प्रतिनिधि शायर, प्रसिद्ध साहित्यकार अमानत लखनवी के पुत्र
हैदर अली आतिश
मिर्ज़ा ग़ालिब के समकालीन, 19वीं सदी की उर्दू ग़ज़ल का रौशन सितारा।
हयातुल्लाह अंसारी
प्रख्यात प्रगतिशील फ़िक्शन लेखक और पत्रकार - ग़ज़ल विरोधी विचारों के लिए प्रसिद्ध
इमाम बख़्श नासिख़
लखनऊ के मुम्ताज़ और नई राह बनाने वाले शायर/मिर्ज़ा ग़ालिब के समकालीन
इरफ़ान सिद्दीक़ी
सबसे महत्वपूर्ण आधुनिक शायरों में शामिल, अपने नव-क्लासिकी लहजे के लिए विख्यात।
इस्माइल मेरठी
आधुनिक उर्दू नज़्म के निर्माताओं में शामिल और बाल-कविता के लिए प्रसिद्ध
जिगर मुरादाबादी
सबसे प्रमुख पूर्वाधुनिक शायरों में शामिल, इश्क़, तग़ज़्ज़ुल और रूमानियत के बेमिसाल शायर, ‘रईस-उल-मुतग़ज़्ज़िलीन’ के ख़िताब से सम्मानित
जुरअत क़लंदर बख़्श
अपनी शायरी में महबूब के साथ मामला-बंदी के मज़मून के लिए मशहूर, नौजवानी में नेत्रहीन हो गए
कबीर
- जन्म : बनारस
- निवास : बनारस
- निधन : संत कबीर नगर
मध्यकालीन भक्ति-साहित्य की निर्गुण धारा (ज्ञानाश्रयी शाखा) के अत्यंत महत्त्वपूर्ण और विद्रोही संत-कवि।
ख़लील-उर-रहमान आज़मी
आधुनिक उर्दू आलोचना के संस्थापको में अग्रणी।
ख़ान आरज़ू सिराजुद्दीन अली
भाषाविद्, मीर तक़ी मीर और मीर दर्द के उस्ताद
मिर्ज़ा आसमान जाह अंजुम
अवध के आख़िरी नवाब वाजिद अली शाह के बेटे और युवराज
मिर्ज़ा सलामत अली दबीर
उर्दू के दो बड़े मर्सिया-गो शाइरों में शामिल
मिर्ज़ा शौक़ लखनवी
विश्व प्रसिद्ध मसनवी " ज़हर-ए-इश्क़ " के रचयिता
- निवास : रामपुर
मुनीर शिकोहाबादी
प्रसिद्ध क्लासिकी शायर जिन्होंने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया
मुंशी सज्जाद हुसैन
मुस्तफ़ा खां यकरंग
- निवास : लखनऊ
नजमुल ग़नी ख़ान नजमी रामपुरी
प्रसिद्ध इतिहासकार, छंदशास्त्र और भाषा-विज्ञान के विशेषज्ञ, अपनी किताब “बहर-उल-फ़साहत” के लिए मशहूर
नातिक़ लखनवी
अपने मशहूर शेर 'कह रहा है शोर-ए-दरिया से समंदर का सुकूत…' के लिए जाने जाते हैं
निज़ाम रामपुरी
दबिस्तान-ए-रामपुर के प्रमुख शायर, मिर्ज़ा ग़ालिब ने "मीर-ए-रामपुर" की उपाधि से संबोधित किया
नुशूर वाहिदी
प्रख्यात शायर, फ़ारसी और उर्दू के विद्वान, मौलाना रूम की मसनवी के अनुवादक और मधुर तरन्नुम के धनी, मुशायरों में अत्यंत लोकप्रिय रहे
पंडित चंद्र भान ब्रह्मण
पंडित दया शंकर नसीम लखनवी
19वीं सदी में लखनऊ के अग्रणी शायरों में से एक, प्रख्यात मसनवी गुलज़ार-ए-नसीम के रचयिता
क़ाज़ी अब्दुल ग़फ़्फ़ार
एक विशिष्ट शैली के कथाकार، पत्रकार और 'लैला के खतूत' एवं 'मजनूं की डायरी' के लेखक