लखनऊ के शायर और अदीब
कुल: 282
तलअत महमूद
अब्दुल हलीम शरर
बीसवीं सदी के महत्वपूर्ण विद्वान,लेखक, अनुवादक,उपन्यासकार, नाटककार. लखनऊ की सामाजिक व सांस्कृतिक जीवन के मर्मज्ञ.
आग़ा हज्जू शरफ़
- जन्म : लखनऊ
लखनऊ के अहम क्लासिकी शायर, आतिश के शागिर्द, लखनऊ पर लिखी अपनी लम्बी मसनवी ‘अफ़साना-ए-लखनऊ’ के लिए मशहूर
अमीर मीनाई
दाग़ देहलवी के समकालीन। अपनी ग़ज़ल ' सरकती जाए है रुख़ से नक़ाब आहिस्ता आहिस्ता ' के लिए प्रसिद्ध हैं।
इफ़्तिख़ार आरिफ़
- जन्म : लखनऊ
- निवास : इस्लामाबाद
पाकिस्तान में अग्रणी शायरों में शामिल, अपनी सांस्कृतिक रूमानियत के लिए मशहूर।
मिर्ज़ा आसमान जाह अंजुम
अवध के आख़िरी नवाब वाजिद अली शाह के बेटे और युवराज
मिर्ज़ा शौक़ लखनवी
विश्व प्रसिद्ध मसनवी " ज़हर-ए-इश्क़ " के रचयिता
नातिक़ लखनवी
अपने मशहूर शेर 'कह रहा है शोर-ए-दरिया से समंदर का सुकूत…' के लिए जाने जाते हैं
पंडित दया शंकर नसीम लखनवी
19वीं सदी में लखनऊ के अग्रणी शायरों में से एक, प्रख्यात मसनवी गुलज़ार-ए-नसीम के रचयिता
रतन नाथ सरशार
अनुवादक, कथाकार और शायर, अपनी किताब फ़साना-ए-आज़ाद के लिए मशहूर
वज़ीर अली सबा लखनवी
दबिस्तान-ए-लखनऊ के नुमाइंदा शाइरों में शुमार, आतिश के शागिर्द
अहमद सईद मलीहाबादी
अमानत लखनवी
अपने नाटक 'इन्द्र सभा' के लिए प्रसिद्ध, अवध के आख़िरी नवाब वाजिद अली शाह के समकालीन
अम्न लख़नवी
राष्ट्रीय एकता, धार्मिक एकता और जज़्बा-ए-आज़ादी को समर्पित शायरी के लिए मशहूर , स्वतंत्रता सेनानी
आनंद नारायण मुल्ला
इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज थे। लोक सभा के सदस्य भी रहे
अनीस अशफ़ाक़
प्रसिद्ध कथाकार, शायर और आलोचक; लखनऊ की सभ्यता और सांस्कृतिक परिदृश्य पर उपन्यास लिखे
आरिफ़ लखनवी
असलम फ़र्रुख़ी
प्रख्यात साहित्यकार, आलोचक, शोधकर्ता और शायर, पूर्व प्रोफेसर, अध्यक्ष, रजिस्ट्रार कराची यूनिवर्सिटी
अतीक़ा फ़ारूक़ी
- जन्म : लखनऊ
बशीर फ़ारूक़ी
बहज़ाद लखनवी
नात, ग़ज़ल और भजन के ख़ास रंगों के मशहूर शायर । उनकी मशहूर ग़ज़ल ' ए जज़्बा-ए-दिल गर मैं चाहूँ ' को कई गायकों ने आवाज़ दी है
हयात लखनवी
जलाल लखनवी
लखनऊ और रामपूर स्कूल के मिले-जुले रंग में शायरी के लिए माशूहर उत्तर- क्लासिकी शायर
कृष्ण बिहारी नूर
- जन्म : लखनऊ
- निवास : लखनऊ
- निधन : ग़ाज़ियाबाद
लोकप्रिय शायर, लखनवी भाषा-संस्कृति के नुमाइंदे।
माइल लखनवी
मसरूर जहाँ
मीर कल्लू अर्श
महान उर्दू शायर मीर तक़ी मीर के बेटे
मेहदी ज़हीर
मिर्ज़ा अबू तालिब अस्फ़हानी
मिर्ज़ा मोहम्मद हादी अज़ीज़ लखनवी
लखनऊ से संबंध रखने वाले क्लासिकी ग़ज़ल के प्रमुख उस्ताद शायर
मिर्ज़ा रज़ा बर्क़
लखनऊ स्कूल के प्रमुख क्लासिकी शायर / अवध के आख़री नवाब, वाजिद अली शाह के उस्ताद
मोहम्मद बाक़र शम्स
कवि, आलोचक और शिक्षाविद् जिनकी कृतियों ने उपमहाद्वीप में उर्दू साहित्य, इतिहास और बौद्धिक चिंतन को गहराई से प्रभावित किया
मुनव्वर लखनवी
रामायण, भगवत गीता, और दूसरे बहुत से मज़हबी व ग़ैर मज़हबी पाठों का छन्दोबद्ध व गयात्मक अनुवाद करने के लिए प्रसिद्ध
मुंशी नौबत राय नज़र लखनवी
शायर, ख़दंग-ए-नज़र, ज़माना कानपुर और अदीब जैसी पत्रिकाओं के संपादक
मुज़फ्फर अली
नासिर जहाँ
रजब अली बेग सुरूर
उन्नीसवीं सदी के प्रमुख कथाकार/अपनी रचना ‘फ़साना-ए-अजाएब’ के लिए प्रसिद्ध
रशीद लखनवी
मर्सिया, ग़ज़ल और रुबाई के प्रतिष्ठित शायर । मीर अनीस के नवासे
सफ़ी लखनवी
क्लासिकी के आख़िरी प्रमुख शायरों में अहम नाम। व्यापक लोकप्रियता प्राप्त की
साजिद सजनी लखनवी
सालिक लखनवी
प्रगतिवादी शायर और कहानीकार, आन्दोलन की व्यवहारिक राजनीति में शामिल रहे
सलमान अख़्तर
- जन्म : लखनऊ
- निवास : संयुक्त राज्य अमेरिका