कराची के शायर और अदीब

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लब्धप्रतिष्ठ विद्वान् और साहित्यकार. शायरी,कथा साहित्य और अनुवाद के अलावा विद्वत्तापूर्ण कई अहम किताबों के रचनाकार. अपने समय की लोकप्रिय साहित्यिक पत्रिका ‘निगार’ के सम्पादक रहे

मक़बूल पाकिस्तानी धारावाहिक हमसफ़र के टाइटल गीत और ग़ज़ल “ वो हमसफ़र था मगर…” के प्रसिद्ध शायर

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