ख़बर है मेरी रुस्वाई की

सरफ़राज़ शाहिद

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सरफ़राज़ शाहिद

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    INTERESTING FACT

    Repetition of the pattern of one of Pervin Shakir's popular ghazals.

    उसी पर्चे में ख़बर है मेरी रुस्वाई की

    जिस में तस्वीर छपी है तेरी अंगड़ाई की

    कैसे कह दूँ कि मैं लीडर भी हूँ और लोटा भी

    बात सच्ची है मगर बात है रुस्वाई की

    मेरे अफ़्साने सुनाती है मोहल्ले भर को

    इक यही बात है अच्छी मेरी हम-साई की

    दो अदद वीडियो फिल्मों में गुज़र जाती है

    सिर्फ़ इतनी है तवालत शब-ए-तन्हाई की

    ऐसे मिलता है चुनरिया से हेयरबैंड का रंग

    जिस तरह सूट से मैचिंग है मिरी टाई की

    स्रोत:

    • पुस्तक : Anwar Masood Se Khalid Masood Tak (पृष्ठ 37)
    • रचनाकार : Hassan Abbasi
    • प्रकाशन : Nastaleeq Matbuaat (2004)
    • संस्करण : 2004

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