Jaan Nisar Akhtar's Photo'

जाँ निसार अख़्तर

1914 - 1976 | मुंबई, भारत

महत्वपूर्ण प्रगतिशील शायर और फ़िल्म गीतकार। फ़िल्म गीतकार जावेद अख़्तर के पिता

महत्वपूर्ण प्रगतिशील शायर और फ़िल्म गीतकार। फ़िल्म गीतकार जावेद अख़्तर के पिता

ज़िंदगी तुझ को भुलाया है बहुत दिन हम ने

कुचल के फेंक दो आँखों में ख़्वाब जितने हैं

आहट सी कोई आए तो लगता है कि तुम हो

लाख आवारा सही शहरों के फ़ुटपाथों पे हम

हौसला खो न दिया तेरी नहीं से हम ने