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जलाल मानकपुरी

जलाल मानकपुरी के शेर

एक मुद्दत से क़ासिद है ख़त है पयाम

अपने वा'दे को तो कर याद मुझे याद कर

आज तक दिल की आरज़ू है वही

फूल मुरझा गया है बू है वही

कह दें तुम से कौन हैं क्या हैं कहाँ रहते हैं हम

बे-ख़ुदों को अपने जब तुम होश में आने तो दो

Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI

बोलिए