Maharaj Sir Kishan Parashad Shad's Photo'

महाराज सर किशन परशाद शाद

1864 - 1940 | हैदराबाद, भारत

ग़ज़ल 4

 

शेर 2

दिल में जब से देखता है वो तिरी तस्वीर को

नूर बरसाता है अपनी चश्म-ए-तर से आफ़्ताब

बादा-ए-ख़ुम-ए-ख़ाना-ए-तौहीद का मय-नोश हूँ

चूर हूँ मस्ती में ऐसा बे-ख़ुद-ओ-मदहोश हूँ

 

पुस्तकें 59

Aashob-e-Azeem

 

1919

Aiwan-e-Shad Ka Ek Mushaira

 

1994

Armughan-e-Wazarat

 

1906

Arz-e-Hal

 

1922

Azadi

 

1905

बाग़-ए-शाद

 

1890

Bagh-e-Shad

 

1891

Bagh-e-Shad

 

 

Bayaz-e-Shad

 

1925

Bazm-e-Khayal

भाग-002

1909

"हैदराबाद" के और शायर

  • जलील मानिकपूरी जलील मानिकपूरी
  • अमीर मीनाई अमीर मीनाई
  • मख़दूम मुहिउद्दीन मख़दूम मुहिउद्दीन
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  • वली उज़लत वली उज़लत
  • यूसुफ़ आज़मी यूसुफ़ आज़मी
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  • अख़्तर अली अख़्तर अख़्तर अली अख़्तर