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मीर शम्सुद्दीन फ़ैज़

1800-01 - 1866 | हैदराबाद, भारत

करें हम किस की पूजा और चढ़ाएँ किस को चंदन हम

सनम हम दैर हम बुत-ख़ाना हम बुत हम बरहमन हम

एक तेरे होने से मुझ पर

सौ तरह का अज़ाब होता है