Mirza Athar Zia's Photo'

मिर्ज़ा अतहर ज़िया

1981 - 2018 | आज़मगढ़, भारत

ग़ज़ल 14

शेर 15

मुझ में थोड़ी सी जगह भी नहीं नफ़रत के लिए

मैं तो हर वक़्त मोहब्बत से भरा रहता हूँ

  • शेयर कीजिए

इंतिज़ार करो कल का आज दर्ज करो

ख़मोशी तोड़ दो और एहतिजाज दर्ज करो

  • शेयर कीजिए

ख़ुद अपने क़त्ल का इल्ज़ाम ढो रहा हूँ अभी

मैं अपनी लाश पे सर रख के रो रहा हूँ अभी

तेरी दहलीज़ पे इक़रार की उम्मीद लिए

फिर खड़े हैं तिरे इंकार के मारे हुए लोग

मैं अधूरा सा हूँ उस के अंदर

और वो शख़्स मुकम्मल मुझ में

पुस्तकें 1

Abjad-e-Ishq

 

2017

 

"आज़मगढ़" के और शायर

  • अख़तर मुस्लिमी अख़तर मुस्लिमी
  • कैफ़ी चिरय्याकोटी कैफ़ी चिरय्याकोटी
  • इक़बाल सुहैल इक़बाल सुहैल
  • सरफ़राज़ नवाज़ सरफ़राज़ नवाज़
  • अबरार आज़मी अबरार आज़मी
  • तबस्सुम आज़मी तबस्सुम आज़मी
  • दानिश फ़राही दानिश फ़राही
  • रहमत इलाही बर्क़ आज़मी रहमत इलाही बर्क़ आज़मी
  • मुख़तसर आज़मी मुख़तसर आज़मी
  • संदीप गांधी नेहाल संदीप गांधी नेहाल