Miyan dad Khan Sayyah's Photo'

मियाँ दाद ख़ां सय्याह

1829/30 - 1907 | सूरत, भारत

मियाँ दाद ख़ां सय्याह के शेर

क़ैस जंगल में अकेला है मुझे जाने दो

ख़ूब गुज़रेगी जो मिल बैठेंगे दीवाने दो

तुर्रा-ए-काकुल-ए-पेचां रुख़-ए-नूरानी पर

चश्मा-ए-आईना में साँप सा लहराता है