रंगीन सआदत यार ख़ाँ के शेर
ज़ुल्म की टहनी कभी फलती नहीं
नाव काग़ज़ की कहीं चलती नहीं
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
बादल आए हैं घिर गुलाल के लाल
कुछ किसी का नहीं किसी को ख़याल
-
टैग : होली
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
झूटा कभी न झूटा होवे
झूटे के आगे सच्चा रोवे
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
है ये दुनिया जा-ए-इबरत ख़ाक से इंसान की
बन गए कितने सुबू कितने ही पैमाने हुए
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
बस मैं हैं वो ग़ैर के हम को बुला सकते नहीं
और हम उस जा किसी सूरत से जा सकते नहीं
-
टैग : शोख़ी
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
वो न आए तो तू ही चल 'रंगीं'
इस में क्या तेरी शान जाती है
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
पा-बोस-ए-यार की हमें हसरत है ऐ नसीम
आहिस्ता आइओ तू हमारे मज़ार पर
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
ता हश्र रहे ये दाग़ दिल का
या-रब न बुझे चराग़ दिल का
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
था जहाँ मय-ख़ाना बरपा उस जगह मस्जिद बनी
टूट कर मस्जिद को फिर देखा तो बुत-ख़ाने हुए
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
जो तिरे पास से आता है में पूछूँ हूँ यही
क्यों जी कुछ ज़िक्र हमारा भी वहाँ रहता है
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
मनअ करते हो अबस यारो आज
उस के घर जाएँगे पर जाएँगे हम
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड