Sahir Bhopali's Photo'

साहिर भोपाली

1911

तलातुम का एहसान क्यूँ हम उठाएँ

हमें डूबने को किनारा बहुत है

why should I take a favour, from the stormy sea

to sink the shoreside shallows do suffice for me

वफ़ा तो कैसी जफ़ा भी नहीं है अब हम पर

अब इतना सख़्त मोहब्बत से इंतिक़ाम ले