Font by Mehr Nastaliq Web

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

रद करें डाउनलोड शेर
Sharjeel Ansari's Photo'

शरजील अंसारी

1992 | भिवंडी, भारत

मशहूर नौजवान शायरों में शुमार, अलग अंदाज़ में शेर पढ़ते हैं

मशहूर नौजवान शायरों में शुमार, अलग अंदाज़ में शेर पढ़ते हैं

शरजील अंसारी के शेर

42
Favorite

श्रेणीबद्ध करें

उस ने अपना नाम मेरे नाम के आगे लिखा

और फिर दोनों अधूरे नाम पूरे हो गए

मुसालहत से निकालेंगे हल दु'आ से नहीं

हमारा मसअला बंदों से है ख़ुदा से नहीं

जीने वाले पे क्या गुज़रती है

मरने वाला ये सोचता ही नहीं

उदास तुम हो वहाँ पर उदास हम हैं यहाँ

कभी मिलो तो इकट्ठे उदास रहते हैं

भूल जाऊँ मैं कोई चीज़ अगर रख के कहीं

याद आता है कोई याद दिलाने वाला

बे-ख़याली में कहाँ तेरी गली में आ गया

मैं ज़रूरी काम से निकला था दफ़्तर की तरफ़

जब से वो दिल्ली में रहने आया है 'शरजील'

तब से सारे दिल्ली वाले अच्छे लगते हैं

पहचानते नहीं हो अगर ठीक से मुझे

इक बार आ के देख लो नज़दीक से मुझे

तुम्हारी भी हिफ़ाज़त हम करेंगे

तुम्हारे फिर ख़ुदा होने का मतलब

आता है ख़ौफ़ इस लिए अपनी उड़ान से

आगे निकल न जाऊँ कहीं आसमान से

हाए वो शख़्स भी ख़ामोश खड़ा है 'शरजील'

जिस की आवाज़ की 'आदत है मिरे कानों को

ज़ियादा देर किनारे पे तुम खड़े न रहो

तुम्हारी आँखों में दरिया न डूब जाए कहीं

मेरी दुनिया में अगर रंग नहीं भर सकता

मत बना फिर मिरी तस्वीर बनाने वाले

वो दिल बनाता है पत्थर पे इतनी ख़ूबी से

फिर उस के बा'द तो पत्थर धड़कने लगता है

कहना पड़ा लब्बैक कि वो तेरी सदा थी

वर्ना तिरी दुनिया कोई रहने की जगह थी

दश्त ने क़ैस से कई दिन तक

मेरी वहशत का तज़्किरा किया था

ख़ुदा महफ़ूज़ रक्खे 'इश्क़ को आसानियों से

जुनूँ का काम अब अहल-ए-ख़िरद करने लगे हैं

पहचानते नहीं हो अगर ठीक से मुझे

इक बार आ के देख लो नज़दीक से मुझे

Recitation

बोलिए