उम्मान हुसैन के शेर
साक़ी शराब डाल मगर नाप कर नहीं
होती है शर्मसार मोहब्बत उसूल से
-
टैग : साक़ी
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
ताजिर हूँ ख़ुशबुओं का सो 'उम्मान' इस लिए
फिरता हूँ उस के शहर में अक्सर यहाँ वहाँ
-
टैग : हिजरत
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
बहती हवा ने रात जो रौंदा गुलाब को
गुलशन में बाग़बान पे इल्ज़ाम आ गया
-
टैग : इल्ज़ाम
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
बात और भी बिगड़ती है नज़रें चुराने से
'उम्मान' आइने में भी देखा करो कभी
-
टैग : आईना
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड