आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "kho.e"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "kho.e"
पृष्ठ के संबंधित परिणाम "kho.e"
समस्त
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम "kho.e"
ग़ज़ल
'सय्यद' जी क्या बीती तुम पर खोए खोए रहते हो
कुछ तो दिल की बात बताओ कुछ अपने अहवाल कहो
सय्यद शकील दस्नवी
ग़ज़ल
उस गली में हमें यूँ ही तो नहीं दिल की तलाश
जिस जगह खोए कोई चीज़ वहीं देखते हैं
अमजद इस्लाम अमजद
ग़ज़ल
गरचे है तर्ज़-ए-तग़ाफ़ुल पर्दा-दार-ए-राज़-ए-इश्क़
पर हम ऐसे खोए जाते हैं कि वो पा जाए है
मिर्ज़ा ग़ालिब
ग़ज़ल
निगाह-ए-क़हर पर भी जान-ओ-दिल सब खोए बैठा है
निगाह-ए-मेहर आशिक़ पर अगर होगी तो क्या होगा


