aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
परिणाम "suitcase"
मिरे वतन तिरी ख़िदमत में ले कर आया हूँजगह जगह के तिलिस्मात देस देस के रंगपुराने ज़ेहन की राख और नए दिलों की उमंगन देख ऐसी निगाहों से मेरे ख़ाली हाथन यूँ हो मेरी तही-दामनी से शर्मिंदाबसे हुए हैं मिरे दिल में सैकड़ों तोहफ़ेबहुत से ग़म कई ख़ुशियाँ कई अनोखे लोगकहीं से कैफ़ ही कैफ़ और कहीं से दर्द ही दर्दजिन्हें उठा नहीं सकता हर एक दश्त-नवर्दजो थैलियों के शिकम में समा नहीं सकतेजो सूटकेस की जेबों में आ नहीं सकते
रेल की पटरी फ़सुर्दा शाम तेरा सूटकेसफिर से आँखों में तिरे जाने का मंज़र आ गया
यहाँ से जाने की जल्दी किस को है तुम बताओकि सूटकेसों में कपड़े किस ने रखे हुए हैं
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