आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "zabaan-o-fan"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "zabaan-o-fan"
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
रेख़्ता शब्दकोश
zabaan-e-taa'n daraaz karnaa
ज़बान-ए-ता'न दराज़ करना زَبانِ طَعْن دَراز کَرْنا
बुरा-भला कहना, ताने देना
be-KHaan-o-zamaan
बे-ख़ान-ओ-ज़मान بے خان و زَمان
Having no abode, homeless, houseless, destitute.
zabaan-e-yaar-e-man-turkii-o-man-turkii-namii-daanam
ज़बान-ए-यार-ए-मन-तुर्की-ओ-मन-तुर्की-नमी-दानम زَبانِ یارِ مَن تُرکی و مَن تُرکی نَمی دانَم
फ़ारसी कहावत उर्दू में मुस्तामल, मेरे दोस्त की ज़बान तुर्की है और में तुर्की ज़बान जानता नहीं, जब किसी बात या किसी की ज़बान समझ में नहीं आती तो ये कहते हैं
पुस्तकें के संबंधित परिणाम "zabaan-o-fan"
अन्य परिणाम "zabaan-o-fan"
ग़ज़ल
ज़बाँ से कुछ न कहना बावजूद-ए-ताब-ए-गोयाई
खुली आँखों से बस मंज़र ब मंज़र सोचते रहना
फ़ज़ा इब्न-ए-फ़ैज़ी
ग़ज़ल
बद्र-ए-आलम ख़लिश
ग़ज़ल
सिपह-गरी तो बुज़ुर्गों के साथ दफ़्न हुई
हमें तो आज फ़न-ए-क़ील-ओ-क़ाल आता है
बद्र-ए-आलम ख़ाँ आज़मी
ग़ज़ल
सिपह-गरी तो बुज़ुर्गों के साथ दफ़्न हुई
हमें तो आज फ़न-ए-क़ील-ओ-क़ाल आता है
बद्र-ए-आलम ख़ाँ आज़मी
ग़ज़ल
'क़ुदसी' तो अकेला नहीं मैदान-ए-सुख़न में
हर कूचा-ओ-बाज़ार में फ़न-कार बहुत हैं
औलाद-ए-रसूल क़ुद्सी
ग़ज़ल
बहते जाते हैं यहाँ चारों तरफ़ लाफ़-ओ-ग़ज़ाफ
फ़न के मैदान में पाकीज़ा सुख़नवर ख़ामोश
औलाद-ए-रसूल क़ुद्सी
ग़ज़ल
काश बे-रब्त ख़यालों को भी दे पाऊँ ज़बाँ
रिश्ता-ए-लफ़्ज़ कहीं टूट गया है मुझ से