आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "jild"
ग़ज़ल के संबंधित परिणाम "jild"
ग़ज़ल
जैसे फ़साद-ए-ख़ून से जिल्द-ए-बदन पे दाग़-ए-बर्स
दिल की सियाहियाँ भी हैं दामन-ए-दाग़-दार में
इफ़्तिख़ार आरिफ़
ग़ज़ल
नुमूद हो न तिरे ख़त्त-ए-अम्बर-ए-अफ़्शाँ की
रहे वो जिल्द एज़ार-ओ-ज़क़न के पर्दे में
इमाम बख़्श नासिख़
ग़ज़ल
ब'अद में क्या अंजाम हुआ ये आगे पढ़ने वाले बताएँ
उस की किताब-ए-दिलदारी की पहली जिल्द तो पूरी थी
सलीम अहमद
ग़ज़ल
जिल्द-ए-पिस्ताँ तक मिरा कब तक न होगा दस्तरस
इन तुरंजों की भी क़ीमत होगी सस्ती एक दिन
मुनीर शिकोहाबादी
ग़ज़ल
बुत-परस्तों कूँ है ईमान-ए-हक़ीक़ी वस्ल-ए-बुत
बर्ग-ए-गुल है बुलबुलों कूँ जिल्द-ए-क़ुरआन-मजीद
सिराज औरंगाबादी
ग़ज़ल
हर जिल्द 'मुसहफ़ी' तिरे दीवान की वले
नुक़्तों से शक के बन गई रुम्माल की किताब