आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "sunaa.e.n"
ग़ज़ल के संबंधित परिणाम "sunaa.e.n"
ग़ज़ल
अतहर नफ़ीस
ग़ज़ल
ख़ुशियाँ आईं अच्छा आईं मुझ को क्या एहसास नहीं
सुध-बुध सारी भूल गया हूँ दुख के गीत सुनाने में
मीराजी
ग़ज़ल
अब जो कोई पूछे भी तो उस से क्या शरह-ए-हालात करें
दिल ठहरे तो दर्द सुनाएँ दर्द थमे तो बात करें
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
ग़ज़ल
रात के ख़्वाब सुनाएँ किस को रात के ख़्वाब सुहाने थे
धुँदले धुँदले चेहरे थे पर सब जाने-पहचाने थे
इब्न-ए-इंशा
ग़ज़ल
क्या तुम ने कहा दिल से क्या दिल ने कहा हम से
बैठो तो सुनाएँ हम इक रोज़ ये अफ़्साना
आग़ा हश्र काश्मीरी
ग़ज़ल
कौन देता है यहाँ ख़्वाब-ए-जुनूँ की ता'बीर
ख़्वाब हम अपने सुनाएँ तो सुनाएँ किस को
अख़्तर सईद ख़ान
ग़ज़ल
दर्द-ए-दिल कहते हुए बज़्म में आता है हिजाब
तख़लिया हो तो कुछ अहवाल सुनाएँ तुझ को
लाला माधव राम जौहर
ग़ज़ल
तेरे सिवा हैं इस दुनिया में अपने भी ग़म-ख़्वार बहुत
सब को दिल का राज़ सुनाएँ ऐसी कोई बात नहीं