आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "lutf-e-khudaa"
नज़्म के संबंधित परिणाम "lutf-e-khudaa"
नज़्म
नूर-ए-शमा नूर
नज़्म
इब्न-ए-इंशा
नज़्म
ग़म-ए-हयात को हँस हँस के जो उठाता है
उसी को मिलता है याँ लुत्फ़-ए-जाविदान-ए-हयात
मंशाउर्रहमान ख़ाँ मंशा
नज़्म
गुलों के रंग में थी शान-ए-ख़ंदा-ए-यूसुफ़
कली के साज़ में था लुत्फ़-ए-नग़्मा-ए-दाऊद
जोश मलीहाबादी
नज़्म
है ख़िज़ाँ ना-आश्ना तेरे गुलिस्ताँ की बहार
तुझ पे है साया-फ़गन दामान-ए-लुत्फ़-ए-किर्दगार
मयकश अकबराबादी
नज़्म
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
नज़्म
फ़िरोज़ नातिक़ ख़ुसरो
नज़्म
हामिदुल्लाह अफ़सर
नज़्म
माया खन्ना राजे बरेलवी
नज़्म
साहबज़ादा मीर बुरहान अली खां कलीम
नज़्म
ख़ुशा कि आज ब-फ़ज़्ल-ए-ख़ुदा वो दिन आया
कि दस्त-ए-ग़ैब ने इस घर की दर-कुशाई की
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
नज़्म
वो दुआएँ मय-कशों की और वो लुत्फ़-ए-इंतिज़ार
हाए किन नाज़ों से चलती है हवा बरसता की
चकबस्त बृज नारायण
नज़्म
है लुत्फ़-ओ-ऐश ज़ीस्त कि जब तक शबाब है
फिर इस के बाद ज़ीस्त समझ लो अज़ाब है