आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "tulips"
नज़्म के संबंधित परिणाम "tulips"
नज़्म
माद्दी तारीख़-ए-आलम जिस की तालीफ़-ए-अज़ीम
तास कैपिटाल है या ज़ीस्त का लुब्ब-ए-लुबाब
वामिक़ जौनपुरी
नज़्म
ये हमें आग़ाज़ ही से ख़त्म करने पर तुली थी
चाहे फिर ख़ुद ही मुजाविर बन सके अंजाम-कार
शफ़ीक़ फातिमा शेरा
नज़्म
ख़िल्क़त तेरी नपी-तुली बातों के ऊँचे दरवाज़ों में
रम्ज़ भरी गम्भीर और गहरी आवाज़ों में
सरमद सहबाई
नज़्म
ज़िंदगी हर रोज़ मुझे ज़लील करने पर तुली है
सिसकना बिलकना और क़हक़हे लगाना मेरा वतीरा बन गया है
सिदरा अफ़ज़ल
नज़्म
फिर यही तारीख़ हिन्दी तर्जुमा हो कर छपी
ग़ैर मुल्कों में भी इस तालीफ़ का है एहतिराम
प्रेम लाल शिफ़ा देहलवी
नज़्म
माना कि जवानी तिरी काँटों में तुली है
चुनता हूँ तिरा दर्द कि अब आँख खुली है