अली सरदार जाफ़री की 10 मशहूर नज़्में

अग्रणी प्रगतिशील शायरों में शामिल/आलोचक, बुद्धिजीवी और साहित्यिक पत्रिका ‘गुफ़्तुगू’ के संपादक/भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित/उर्दू शायरों पर टीवी सीरियलों के निर्माता

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तुम नहीं आए थे जब

तुम नहीं आए थे जब तब भी तो मौजूद थे तुम

अली सरदार जाफ़री

मेरा सफ़र

''हम-चू सब्ज़ा बार-हा रोईदा-एम''

अली सरदार जाफ़री

उठो

उठो हिन्द के बाग़बानो उठो

अली सरदार जाफ़री

दोस्ती का हाथ

तुम्हारा हाथ बढ़ा है जो दोस्ती के लिए

अली सरदार जाफ़री

तू मुझे इतने प्यार से मत देख

तू मुझे इतने प्यार से मत देख

अली सरदार जाफ़री

उर्दू

हमारी प्यारी ज़बान उर्दू

अली सरदार जाफ़री

बहुत क़रीब हो तुम

बहुत क़रीब हो तुम फिर भी मुझ से कितनी दूर

अली सरदार जाफ़री

हर्फ़-ए-आख़िर

ये आदमी की गुज़रगाह-ए-शाहराह-ए-हयात

अली सरदार जाफ़री