शेर

विषयानुसार हज़ारों लोकप्रिय शेर

चित्र शायरी

शायरी की सैकड़ों खूबसूरत तस्वीरें शेयर कीजिए

समस्त
इस शहर में किस से मिलें हम से तो छूटीं महफ़िलें-इब्न-ए-इंशा

इब्न-ए-इंशा

हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन-मिर्ज़ा ग़ालिब

मिर्ज़ा ग़ालिब

मिरे सूरज आ! मिरे जिस्म पे अपना साया कर-शहरयार

शहरयार

जब भी आती है तिरी याद कभी शाम के बअ'द-कृष्ण अदीब

कृष्ण अदीब

जैसे दो मुल्कों को इक सरहद अलग करती हुई-मोहसिन ज़ैदी

मोहसिन ज़ैदी

मैं आग देखता था आग से जुदा कर के-सरवत हुसैन

सरवत हुसैन

काश देखो कभी टूटे हुए आईनों को-उबैदुल्लाह अलीम

उबैदुल्लाह अलीम

इंसान के लहू को पियो इज़्न-ए-आम है-जोश मलीहाबादी

जोश मलीहाबादी

मुझ में सात समुंदर शोर मचाते हैं-साक़ी फ़ारुक़ी

साक़ी फ़ारुक़ी

वो कम-सुख़न था मगर ऐसा कम-सुख़न भी न था-अख़्तर होशियारपुरी

अख़्तर होशियारपुरी

फ़रिश्ते से बढ़ कर है इंसान बनना-अल्ताफ़ हुसैन हाली

अल्ताफ़ हुसैन हाली

बैठे बैठे कैसा दिल घबरा जाता है-ज़ेहरा निगाह

ज़ेहरा निगाह

जो मेरा तुम्हारा रिश्ता है-फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

वो अक्सर दिन में बच्चों को सुला देती है इस डर से-मोहसिन नक़वी

मोहसिन नक़वी