Quiz A collection of interesting questions related to Urdu poetry, prose and literary history. Play Rekhta Quiz and check your knowledge about Urdu!
लोकप्रिय विषयों और शायरों के चुनिन्दा 20 शेर
शब्दार्थ
न लुटता दिन को तो कब रात को यूँ बे-ख़बर सोता
रहा खटका न चोरी का दुआ देता हूँ रहज़न को
"क़फ़स में हूँ गर अच्छा भी न जानें मेरे शेवन को" मिर्ज़ा ग़ालिब की ग़ज़ल से
Quiz A collection of interesting questions related to Urdu poetry, prose and literary history. Play Rekhta Quiz and check your knowledge about Urdu!
महीने की पहली तारीख़ से लेकर सातवीं तारीख़ तक के चांद को 'हलाल' कहते हैं और उसके बाद का चांद 'क़मर' कहलाता है,पूरे चांद को 'बदर' कहते हैं। चांद के लिए और भी कई शब्द हैं जैसे मह, माह, महताब, माह ताब जो उर्दू शायरी में तरह तरह से अपनी चांदनी बिखेरते हैं।
परवीन शाकिर की कुल्लियात (समग्र) का नाम 'माह-ए-तमाम' है। इसमें 'माह' फ़ारसी शब्द है और 'तमाम' अरबी शब्द जिसका अर्थ है पूरा हो जाना। वक़्त का क्या सितम है कि परवीन ने 34 वर्ष की आयु में 1994 में अपनी कुल्लियात प्रकाशित कर दी थी और उसी साल कार की दुर्घटना में वह ख़त्म हो गईं। इस दुर्घटना के दूसरे साल 'कफ़-ए-आईना' के नाम से उनका अंतिम काव्य संग्रह उनकी बड़ी बहन की देखरेख में प्रकाशित हुआ जिसे परवीन मृत्यु पूर्व संकलित कर रही थीं और यह नाम उन ही का सुझाया हुआ था।
जन्मदिन
पाकिस्तान के आग्रणी आधुनिक शायरों में विख्यात/फि़ल्मों के लिए गीत भी लिखे
प्रतिष्ठित शायरों की चुनिन्दा शायरी