आज के चुनिन्दा 5 शेर

क़दम मय-ख़ाना में रखना भी कार-ए-पुख़्ता-काराँ है

जो पैमाना उठाते हैं वो थर्राया नहीं करते

नुशूर वाहिदी

ज़िंदगी तू ने मुझे क़ब्र से कम दी है ज़मीं

पाँव फैलाऊँ तो दीवार में सर लगता है

बशीर बद्र

सूरज हूँ ज़िंदगी की रमक़ छोड़ जाऊँगा

मैं डूब भी गया तो शफ़क़ छोड़ जाऊँगा

इक़बाल साजिद

ये इंतिज़ार नहीं शम्अ है रिफ़ाक़त की

इस इंतिज़ार से तन्हाई ख़ूब-सूरत है

अरशद अब्दुल हमीद

कोई तोहमत हो मिरे नाम चली आती है

जैसे बाज़ार में हर घर से गली आती है

अंजुम ख़याली
आज का शब्द

सफ़ीना

  • safiina
  • سفینہ

शब्दार्थ

boat/ vessel

दिल की लहरों का तूल-ओ-अर्ज़ पूछ

कभू दरिया कभू सफ़ीना है

शब्दकोश
आर्काइव

आज की प्रस्तुति

सबसे प्रख्यात एवं प्रसिद्ध शायर. अपने क्रांतिकारी विचारों के कारण कई साल कारावास में रहे।

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इरफ़ान हबीब

Delhi jo ek shahr tha I Irfan Habib I Rana Safvi I Jashn-e-Rekhta 2017

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