आज के चुनिन्दा 5 शेर

वो चाँद है तो अक्स भी पानी में आएगा

किरदार ख़ुद उभर के कहानी में आएगा

इक़बाल साजिद

इतनी पी जाए कि मिट जाए मैं और तू की तमीज़

यानी ये होश की दीवार गिरा दी जाए

the formality of you and I should in wine be drowned

meaning that these barriers of sobriety be downed

the formality of you and I should in wine be drowned

meaning that these barriers of sobriety be downed

फ़रहत शहज़ाद

घर से मस्जिद है बहुत दूर चलो यूँ कर लें

किसी रोते हुए बच्चे को हँसाया जाए

the mosques too far so for a while

some weeping child, let us make smile

the mosques too far so for a while

some weeping child, let us make smile

निदा फ़ाज़ली

तर्क-ए-तअल्लुक़ात पे रोया तू मैं

लेकिन ये क्या कि चैन से सोया तू मैं

ख़ालिद अहमद

ये जब्र भी देखा है तारीख़ की नज़रों ने

लम्हों ने ख़ता की थी सदियों ने सज़ा पाई

मुज़फ़्फ़र रज़्मी
आज का शब्द

रहज़न

  • rahzan
  • رہزن

शब्दार्थ

Bandit

लुटता दिन को तो कब रात को यूँ बे-ख़बर सोता

रहा खटका चोरी का दुआ देता हूँ रहज़न को

शब्दकोश

Quiz A collection of interesting questions related to Urdu poetry, prose and literary history. Play Rekhta Quiz and check your knowledge about Urdu!

What is the point of distinction of Meer Aman's dastan "Bagh-o-Bahar'?
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क्या आप जानते हैं?

Mah-e-Tamam

महीने की पहली तारीख़ से लेकर सातवीं तारीख़ तक के चांद को 'हलाल' कहते हैं और उसके बाद का चांद 'क़मर' कहलाता है,पूरे चांद को 'बदर' कहते हैं। चांद के लिए और भी कई शब्द हैं जैसे मह, माह, महताब, माह ताब जो उर्दू शायरी में तरह तरह से अपनी चांदनी बिखेरते हैं।
परवीन शाकिर की कुल्लियात (समग्र) का नाम 'माह-ए-तमाम' है। इसमें 'माह' फ़ारसी शब्द है और 'तमाम' अरबी शब्द जिसका अर्थ है पूरा हो जाना। वक़्त का क्या सितम है कि परवीन ने 34 वर्ष की आयु में 1994 में अपनी कुल्लियात प्रकाशित कर दी थी और उसी साल कार की दुर्घटना में वह ख़त्म हो गईं। इस दुर्घटना के दूसरे साल 'कफ़-ए-आईना' के नाम से उनका अंतिम काव्य संग्रह उनकी बड़ी बहन की देखरेख में प्रकाशित हुआ जिसे परवीन मृत्यु पूर्व संकलित कर रही थीं और यह नाम उन ही का सुझाया हुआ था।

आर्काइव

जश्न

जन्मदिन

पाकिस्तान के आग्रणी आधुनिक शायरों में विख्यात/फि़ल्मों के लिए गीत भी लिखे

ख़याल जिस का था मुझे ख़याल में मिला मुझे

सवाल का जवाब भी सवाल में मिला मुझे

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