आज के चुनिन्दा 5 शेर

पाक होगा कभी हुस्न इश्क़ का झगड़ा

वो क़िस्सा है ये कि जिस का कोई गवाह नहीं

हैदर अली आतिश
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ज़िंदगी कम पढ़े परदेसी का ख़त है 'इबरत'

ये किसी तरह पढ़ा जाए समझा जाए

इबरत मछलीशहरी
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कश्ती-ए-मय को हुक्म-ए-रवानी भी भेज दो

जब आग भेज दी है तो पानी भी भेज दो

जोश मलीहाबादी
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शिकस्त-ए-ज़िंदगी वैसे भी मौत ही है ना

तू सच बता ये मुलाक़ात आख़री है ना

अफ़ज़ल ख़ान
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'शाद' ग़ैर-मुमकिन है शिकवा-ए-बुताँ मुझ से

मैं ने जिस से उल्फ़त की उस को बा-वफ़ा पाया

शाद आरफ़ी
आज का शब्द

फ़ाक़ा

  • faaqa
  • فاقہ

शब्दार्थ

starvation

आज भी गाँव में कुछ कच्चे मकानों वाले

घर में हम-साए के फ़ाक़ा नहीं होने देते

शब्दकोश
आर्काइव

आज की प्रस्तुति

उर्दू के पहले सबसे बड़े शायर जिन्हें ' ख़ुदा-ए-सुख़न, (शायरी का ख़ुदा) कहा जाता है।

हैराँ हूँ दिल को रोऊँ कि पीटूँ जिगर को मैं

मक़्दूर हो तो साथ रखूँ नौहागर को मैं

Should I cry out for my heart or liver then lament

If I had the money, on a mourner would have spent

Should I cry out for my heart or liver then lament

If I had the money, on a mourner would have spent

पूर्ण ग़ज़ल देखें
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