आज के टॉप 5

इस तरह ज़िंदगी ने दिया है हमारा साथ

जैसे कोई निबाह रहा हो रक़ीब से

साहिर लुधियानवी

जिस तरह लोग ख़सारे में बहुत सोचते हैं

आज कल हम तिरे बारे में बहुत सोचते हैं

इक़बाल कौसर

इश्क़ ने 'ग़ालिब' निकम्मा कर दिया

वर्ना हम भी आदमी थे काम के

Ghalib, a worthless person, this love has made of me

otherwise a man of substance I once used to be

Ghalib, a worthless person, this love has made of me

otherwise a man of substance I once used to be

मिर्ज़ा ग़ालिब

जाने क्यूँ लोग मिरा नाम पढ़ा करते हैं

मैं ने चेहरे पे तिरे यूँ तो लिखा कुछ भी नहीं

प्रेम भण्डारी
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कब लौटा है बहता पानी बिछड़ा साजन रूठा दोस्त

हम ने उस को अपना जाना जब तक हाथ में दामाँ था

इब्न-ए-इंशा
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आज का शब्द

समा

  • samaa
  • سما

शब्दार्थ

Sky

उल्फ़त ने तिरी हम को तो रक्खा कहीं का

दरिया का जंगल का समा का ज़मीं का

शब्दकोश
आर्काइव

आज की प्रस्तुति

अपनी ग़ज़ल ' मोहब्बत करने वाले कम होंगे ' के लिए प्रसिध्द जिसे कई गायकों ने गाया है।

मोहब्बत करने वाले कम होंगे

तिरी महफ़िल में लेकिन हम होंगे

those that love you will not shrink

But I will be gone I think

those that love you will not shrink

But I will be gone I think

पूर्ण ग़ज़ल देखें
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निदा फ़ाज़ली

Shaam-e-Sher Rekhta

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