Darshan Singh's Photo'

दर्शन सिंह

1921 - 1989

तसव्वुफ़ और धार्मिक सहिष्णुता की भावना से समर्पित शायरी के लिए जाने जाते हैं. महत्वपूर्ण मज़हबी और रूहानी व्यक्तियों पर नज़्में लिखीं

तसव्वुफ़ और धार्मिक सहिष्णुता की भावना से समर्पित शायरी के लिए जाने जाते हैं. महत्वपूर्ण मज़हबी और रूहानी व्यक्तियों पर नज़्में लिखीं

This video is playing from YouTube

वीडियो का सेक्शन
अन्य वीडियो
किसी की शाम-ए-सादगी सहर का रंग पा गई

किसी की शाम-ए-सादगी सहर का रंग पा गई ग़ुलाम अली

ये किस ने कह दिया आख़िर कि छुप-छुपा के पियो

ये किस ने कह दिया आख़िर कि छुप-छुपा के पियो ग़ुलाम अली

अन्य वीडियो

  • किसी की शाम-ए-सादगी सहर का रंग पा गई

    किसी की शाम-ए-सादगी सहर का रंग पा गई ग़ुलाम अली

  • ये किस ने कह दिया आख़िर कि छुप-छुपा के पियो

    ये किस ने कह दिया आख़िर कि छुप-छुपा के पियो ग़ुलाम अली