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मुनव्वर सुल्ताना

शेर 1

इस शर्त पे बाँधा था इक अहद-ए-वफ़ा मैं ने

जो सुख हैं वो तेरे हैं जो दुख हैं वो मेरे हैं

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पुस्तकें 1

Rang Mahak Mahak Uthe

 

1988