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सूफ़ी तबस्सुम

1899 - 1978 | लाहौर, पाकिस्तान

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शायर अपना कलाम पढ़ते हुए

सूफ़ी तबस्सुम

तिरी महफ़िल में सोज़-ए-जावेदानी ले के आया हूँ

सूफ़ी तबस्सुम

नाला-ए-सबा तन्हा फूल की हँसी तन्हा

सूफ़ी तबस्सुम

ये क्या कि इक जहाँ को करो वक़्फ़-ए-इज़्तिराब

सूफ़ी तबस्सुम

सुकून-ए-क़ल्ब ओ शकेब-ए-नज़र की बात करो

सूफ़ी तबस्सुम

हज़ार गर्दिश-ए-शाम-ओ-सहर से गुज़रे हैं

सूफ़ी तबस्सुम

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क्या हुआ जो सितारे चमकते नहीं दाग़ दिल के फ़रोज़ाँ करो दोस्तो

क्या हुआ जो सितारे चमकते नहीं दाग़ दिल के फ़रोज़ाँ करो दोस्तो फ़रीदा ख़ानम

जाने किस की थी ख़ता याद नहीं

जाने किस की थी ख़ता याद नहीं फ़रीदा ख़ानम

तू ने कुछ भी न कहा हो जैसे

तू ने कुछ भी न कहा हो जैसे ग़ुलाम अली

पतरस बुख़ारी मरहूम

पतरस बुख़ारी मरहूम ज़ुल्फ़िक़ार अली बुख़ारी

ये क्या कि इक जहाँ को करो वक़्फ़-ए-इज़्तिराब

ये क्या कि इक जहाँ को करो वक़्फ़-ए-इज़्तिराब सयान चौधरी

ये क्या कि इक जहाँ को करो वक़्फ़-ए-इज़्तिराब

ये क्या कि इक जहाँ को करो वक़्फ़-ए-इज़्तिराब सूफ़ी तबस्सुम

ये क्या कि इक जहाँ को करो वक़्फ़-ए-इज़्तिराब

ये क्या कि इक जहाँ को करो वक़्फ़-ए-इज़्तिराब सयान चौधरी

सौ बार चमन महका सौ बार बहार आई

सौ बार चमन महका सौ बार बहार आई तरन्नुम नाज़

सौ बार चमन महका सौ बार बहार आई

सौ बार चमन महका सौ बार बहार आई नसीम बेगम

शायर अपना कलाम पढ़ते हुए

  • सूफ़ी तबस्सुम

  • तिरी महफ़िल में सोज़-ए-जावेदानी ले के आया हूँ

    तिरी महफ़िल में सोज़-ए-जावेदानी ले के आया हूँ सूफ़ी तबस्सुम

  • नाला-ए-सबा तन्हा फूल की हँसी तन्हा

    नाला-ए-सबा तन्हा फूल की हँसी तन्हा सूफ़ी तबस्सुम

  • ये क्या कि इक जहाँ को करो वक़्फ़-ए-इज़्तिराब

    ये क्या कि इक जहाँ को करो वक़्फ़-ए-इज़्तिराब सूफ़ी तबस्सुम

  • सुकून-ए-क़ल्ब ओ शकेब-ए-नज़र की बात करो

    सुकून-ए-क़ल्ब ओ शकेब-ए-नज़र की बात करो सूफ़ी तबस्सुम

  • हज़ार गर्दिश-ए-शाम-ओ-सहर से गुज़रे हैं

    हज़ार गर्दिश-ए-शाम-ओ-सहर से गुज़रे हैं सूफ़ी तबस्सुम

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  • क्या हुआ जो सितारे चमकते नहीं दाग़ दिल के फ़रोज़ाँ करो दोस्तो

    क्या हुआ जो सितारे चमकते नहीं दाग़ दिल के फ़रोज़ाँ करो दोस्तो फ़रीदा ख़ानम

  • जाने किस की थी ख़ता याद नहीं

    जाने किस की थी ख़ता याद नहीं फ़रीदा ख़ानम

  • तू ने कुछ भी न कहा हो जैसे

    तू ने कुछ भी न कहा हो जैसे ग़ुलाम अली

  • पतरस बुख़ारी मरहूम

    पतरस बुख़ारी मरहूम ज़ुल्फ़िक़ार अली बुख़ारी

  • ये क्या कि इक जहाँ को करो वक़्फ़-ए-इज़्तिराब

    ये क्या कि इक जहाँ को करो वक़्फ़-ए-इज़्तिराब सयान चौधरी

  • ये क्या कि इक जहाँ को करो वक़्फ़-ए-इज़्तिराब

    ये क्या कि इक जहाँ को करो वक़्फ़-ए-इज़्तिराब सूफ़ी तबस्सुम

  • ये क्या कि इक जहाँ को करो वक़्फ़-ए-इज़्तिराब

    ये क्या कि इक जहाँ को करो वक़्फ़-ए-इज़्तिराब सयान चौधरी

  • सौ बार चमन महका सौ बार बहार आई

    सौ बार चमन महका सौ बार बहार आई तरन्नुम नाज़

  • सौ बार चमन महका सौ बार बहार आई

    सौ बार चमन महका सौ बार बहार आई नसीम बेगम