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वली मोहम्मद वली

1667 - 1725 | दक्कन, भारत

दिल्ली में उर्दू शायरी को स्थापित करने वाले क्लासिकी शायर

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मलिका पुखराज

जिसे इश्क़ का तीर कारी लगे

मलिका पुखराज

तुझ लब की सिफ़त लाल-ए-बदख़्शाँ सूँ कहूँगा

आबिदा परवीन

सोहबत-ए-ग़ैर मूं जाया न करो

पीनाज़ मसानी

जिसे इश्क़ का तीर कारी लगे

इक़बाल बानो

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