aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
परिणाम "nusrat"
अब वो आया तो भटक जाएगा रस्ता 'नुसरत'अब घना हो गया तन्हाई का जंगल मुझ में
'नुसरत' वो इस से पहले तो इतने हसीं न थेआ कर मिरी निगाह में जितने सँवर गए
नज़र में रहना था 'नुसरत' तो उस की पलकों सेतमाम उम्र मैं गर्द-ए-सफ़र हटाती रही
तालियाँ आज यहाँ ख़ूब बजेंगी 'नुसरत'सब के सब अपने तमाशाई लिए बैठे हैं
वो संग कभी मोम की सूरत बने 'नुसरत'अब इतना असर लाऊँ कहाँ अपनी ज़बाँ में
मौत से जब ज़िंदगी डरने लगेदिन गिनो 'नुसरत' जी उस दिन के लिए
एक बे-सम्त बगूला था वो 'नुसरत' जिस नेशक्ल इंसान की धारी मिरे घर तक पहुँचा
सारे रिश्ते साँप बन कर डस गए 'नुसरत' मुझेथा फ़रेब-ए-चेहरगी जिस में वो शाइ'र आ गया
उभर रही हूँ ग़मों से 'नुसरत' मिली है ऐसी मुझे मसर्रतकोई बता दे ये हासिदों से अभी नहीं है ज़वाल मुझ को
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