aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
परिणाम "philosophy"
उस एक कच्ची सी उम्र वाली के फ़लसफ़े को कोई न समझाजब उस के कमरे से लाश निकली ख़ुतूत निकले तो लोग समझे
ये जनाब-ए-शैख़ का फ़ल्सफ़ा है अजीब सारे जहान सेजो वहाँ पियो तो हलाल है जो यहाँ पियो तो हराम है
ज़मीर-ए-पाक ओ निगाह-ए-बुलंद ओ मस्ती-ए-शौक़न माल-ओ-दौलत-ए-क़ारूँ न फ़िक्र-ए-अफ़लातूँ
हम को है मालूम सब रूदाद-ए-इल्म-ओ-फ़ल्सफ़ाहाँ हर ईमान-ओ-यक़ीं वहम-ओ-गुमाँ बनता गया
लौट कर तो आए हो तजरबों की सूरत हैपर मिरी कहानी से फ़ल्सफ़ा अलग रखना
नज़रिये फ़लसफ़े अपनी जगह हैंहमें शादी में जाना चाहिए था
फ़लसफ़े सारे किताबों में उलझ कर रह गएदर्स-गाहों में निसाबों की थकन बाक़ी रही
फिर मोहब्बत का फ़ल्सफ़ा क्या हैये अगर सब लहू की वहशत है
दलील मंतिक़ नहीं चलेगीये इश्क़ है फ़ल्सफ़ा नहीं है
यहाँ काँप जाते हैं फ़लसफ़े ये बड़ा अजीब मक़ाम हैजिसे अपना अपना ख़ुदा कहें उसे सज्दा करना हराम है
Devoted to the preservation & promotion of Urdu
A Trilingual Treasure of Urdu Words
Online Treasure of Sufi and Sant Poetry
World of Hindi language and literature
The best way to learn Urdu online
Best of Urdu & Hindi Books