aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
परिणाम "plane"
अब तो सर-ए-बालीं मिरे रोओ न ख़ुदारादेखो तो कि इस जिस्म में अब जान नहीं है
हदों ने छीन लिया है हमारा क़ुर्ब सनमसो अपने अपने बदन को ज़रा उतार मिलें
हर मिज़ा पर रवाँ हैं कूदक-ए-अश्कनय सवारों का यार साला है
कहकशाँ की सम्त उठने थे अबद-पैमा क़दमजानिब-ए-सय्यार तय्यारा रवाँ होना ही था
किसी उड़ान को मेराज-ए-फ़न समझना क्याहैं आसमान कई 'नस्र' आसमान के बा'द
आसमां सोच कर उड़ान भरीचार सम्तों से इक ख़ला उभरा
तक रहा है तू आसमान में क्याहै अभी तक किसी उड़ान में क्या
बस इक उड़ान भरी है अभी ख़लाओं तकइसी को अहल-ए-ज़मीं आसमाँ समझते हैं
दाम से बच निकलने वाले काकाम ऊँची उड़ान से निकला
एक बरस और बीत गयाकब तक ख़ाक उड़ानी है
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