aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
परिणाम "rape"
क़त्ल चोरी आबरू-रेज़ी ख़सारे का बजटआज के अख़बार में अच्छी ख़बर कोई नहीं
भेस बदले हुए न हो 'गौहर'आप के दर पे जो भिकारी है
'राही' बे-वजह रंजिश ख़ैर हो भी सकता हैइस गुदाज़ लम्हे को तुम ने भी सँभाला हो
वो आना किसी का दिल में 'राग़िब'और सब्र-ओ-क़रार लूट जाना
ये ज़ीनतें भी अजब हैं ये सादगी भी अजबरिया के सारे हुनर जिस्म पर सजा रखना
हमें धुत्कार कर रोने लगेगाये हरकत भी पुरानी है उसी की
गुज़रे हुए दिन का इस्तिआ'राये मौलवी और ये भिकारी
आइना तोड़ दे रिहा कर देबेवफ़ा इक यही वफ़ा कर दे
कासा-ए-जिस्म बना बैठा है जब देखोये फ़रहत-एहसास अजीब भिकारी है
दिन भिकारी की आरज़ू की तरहरात कश्कोल जैसे साइल का
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